तहलका न्यूज,बीकानेर।प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद भी बीकानेर में विकास के पंख लगने की उम्मीदें जगी थी। किन्तु ऐसे कई प्रस्ताव है जो अब ठंडे बस्ते में है। इसमें से एक पुलिस कमिश्नर प्रणाली भी शामिल है। जिसको लेकर दो साल पहले प्रस्ताव बनाकर कर सेटअप भी तैयार कर लिया गया था। परन्तु अभी तक इसे मूर्तरूप नहीं दिया जा सका है।बताया जा रहा है कि दो साल पहले भाजपा सरकार बनने के साथ ही अधिकारियों ने इस पर काम कर पूरा सेटअप तैयार कर लिया है। प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेज दिए हैं। और विधानसभा के दौरान इसकी घोषणा की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन दो बजट सत्र निकल गये। न तो इन प्रस्तावों को मंजूरी मिली और न ही इसको धरातल पर उतारा जा सका। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में सात सर्किल के 16 पुलिस थानों को शामिल किया गया है।वर्तमान ग्रामीण इलाकों के शहर के नजदीक कुछ पुलिस थाने कमिश्नर के अधीन होंगे।बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए पूर्व और पश्चिम दो दुर्घटना पुलिस थाने भी होंगे। इसी तरह पूर्व और पश्चिम दो महिला पुलिस थानों को भी शामिल किया गया है। दो अनुसंधान यूनिट होंगी। तक नीकी सर्विलेंस मॉनिटरिंग सिस्टम अलग से स्थापित किया जाएगा। इसकी भी अलग यूनिट होगी। इन यूनिट के अलग अलग से पद सृजित कि ए जाएंगे। कमिश्नर मुखिया होगा और दो पुलिस उपायुक्त,पुलिस उपायुक्त मुख्यालय और यातायात उसके अधीन काम करेंगे।सुपरविजन अधिकारी व अधीनस्थ कर्मचारियों के पद सृजित होंगे। कमिश्नर प्रणाली लागू होने पर जिले के ग्रामीण इलाकों के लिए एसपी की नियुक्ति अलग से की जाएगी। गौरतलब है कि वर्ष,11 में तत्कालीन सरकार ने जयपुर-जोधपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की थी।उस समय कहा गया था कि दोनों जगह सफलता के बाद अन्य संभाग मुख्यालयों पर भी यह प्रणाली लागू की जाएगी।

बीडीए की घोषणा से पुलिस कमिश्नरेट की जगी थी उम्मीद
राज्य सरकार ने दो साल पहले विधानसभा के बजट सत्र में बीकानेर विकास प्राधिकरण की घोषणा कर दी। इससे शहर का विस्तार होगा और अलग-अलग जोन में बंटेगा। नाल,उदासर,देशनोक,जामसर,नापासर सहित अनेक गांव बीडीए में शामिल हो जाएंगे।बीडीए के बाद अब बीकानेर में कमिशनर प्रणाली की भी उम्मीद है और इसीलिए प्रस्ताव मांग लिए गए हैं। बीडीए की सीमा में आने वाले गांव ही कमिश्नरेट में शामिल कर लिए जाएंगे।

कमिश्नरेट में सात सर्किल के थाने होंगे शामिल

सदर : बीछवाल,जेएनवीसी,सदर

सिटी : कोटगेट,कोतवाली,नयाशहर,मुक्ताप्रसाद,महिला और साइबर

नोखा : देशनोक

कोलायत : गजनेर

लूणकरणसर : जामसर

श्रीडूंगरगढ़ : सेरूणा

गंगाशहर : गंगाशहर,नाल,नापासर

ये पद होंगे सृजित
पुलिस आयुक्त,चार उपायुक्त,दो इन्वेस्टिगेशन यूनिट में 6 इन्सपेक्टर,6 एसआई,10 हेड कांस्टेबल,22 कांस्टेबल,तकनीकी सर्विलेंस मॉनिटरिंग यूनिट में 5 एएसआई,102 कांस्टेबल

क्या होगा फायदा
कमिश्नर प्रणाली में पुलिस प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए खुद ही मजिस्ट्रेट की भूमिका निभाती है। यह अधिकार मिलने से अपराधियों पर जल्दी कार्यवाही होगी। इसके अलावा धरना-प्रदर्शन,रैली की अनुमति सहित अनेक मामलों में पुलिस को प्रशासन के अधिकार मिल जाएंगे।

सीएम से मिलेंगे:मेघवाल
इसको लेकर बीकानेर प्रवास के दौरान केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से जब इस संदर्भ में बातचीत की गई तो उनका का कहना था कि बीकानेर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर लागू करवाने के प्रयास करेंगे। बॉर्डर इलाका है। तस्करी के प्रयास होते हैं। गै ंगस्टर पनपे हैं जिनसे बड़े और आर्थिक अपराध होने लगे हैं। कांग्रेस सरकार के समय अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ गया। अपराधियों पर नकेल और आमजन की सुरक्षा के लिए पुलिस कमिश्नर प्रणाली जरूरी है।