जयनारायण बिस्सा
तहलका न्यूज,बीकानेर। प्रदेश में महापौर के लिए सीधा चुनाव नहीं कराने के राज्य सरकार के फैसले से अब महापौर बनने का सपना देख रहे कांग्रेस-भाजपा के कई दिग्गजों को पहले पार्षद बनने के लिए वार्ड की जंंग जीतना होगी। शहर के 80 वार्डों में चुने गए पार्षद ही महापौर का चुनाव करेंगे।ऐसे में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज महापौर की कुर्सी का सपना देख रहे हैं।स्थानीय स्तर पर दोनों पार्टियों के पुराने पार्षदों,पूर्व मेयरों और युवा नेताओं ने टिकट पाने के लिए लॉबिंग तेज कर दी है,ताकि वे अपनी-अपनी पार्टी से शहर की सरकार का नेतृत्व कर सकें।भाजपा अपनी ‘डबल इंजन’ सरकार की योजनाओं और संगठन की मजबूती के दम पर मैदान में उतर रही है,तो वहीं कांग्रेस अपनी अंदरूनी कलह को दूर कर रूठे हुए नेताओं को वापस साधने में जुटी है।दोनों ही दलों में पूर्व मेयर,जिला अध्यक्षों और दिग्गज पार्षदों के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।टिकट वितरण में स्थानीय विधायकों,सांसद और संगठन के वरिष्ठ नेताओं की सहमति सबसे अहम होने वाली है।

ये नेता जता सकते है दावेदारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जहां भाजपा की ओर से दीपक पारीक,मोहन सुराणा,महावीर रांका,डॉ सत्यप्रकाश आचार्य,पूर्व उपमहापौर राजेन्द्र पंवार,महापौर के प्रत्याशी रह चुके गोपाल गहलोत,गोपाल अग्रवाल,पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा,पूर्व सभापति अखिलेश प्रताप सिंह,चंपालाल गेधर,विजय आचार्य,मोतीलाल हर्ष,अशोक प्रजापत,श्याम सिंह हाडलां,शिवलाल तेजी,गोकुल जोशी,दिलीप पुरी प्रमुख दावेदारों में है।वहीं कांग्रेस की ओर से अरूण व्यास,अनिल कल्ला,मकसूद अहमद,अरविन्द मिढ्ढा,यशपाल गहलोत,हजारी देवड़ा,सुरेन्द्र डोटसरा,दिलीप बांठिया,वल्लभ कोचर,सुशील सुथार,सलीम भाटी जैसे सरीखे नेता दावेदार हो सकते है।

मंत्री-विधायक समर्थकों में ज्यादा जोश
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद के समर्थकों में पार्षद बनने की होड़ लगी है।दोनों ही नेता अपना महापौर भी बनवाने का हरसंभव प्रयास करते नजर आएंगे। ऐसे में भाजपा में कलह की स्थिति ज्यादा दिखाई दे रही है।पता चला है कि पहले तो पार्षद टिकट वितरण को लेकर घमासान मचने की संभावना है।जिसके हालात अभी से ही दिखाई देने लगे है।अंदरखाने की बात तो यह है कि केन्द्रीय मंत्री के पुत्र रविशेखर,जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़,विधायक जेठानंद व्यास के पास पार्षद चुनाव लडऩे वालों की फेरिहस्त भी पहुंचने लगी है। उधर कांग्रेस ने भी पार्षदों की सूची बनाने के लिये तैयारी प्रारंभ कर दी है।हालांकि कांग्रेस जीताऊ उम्मीदवारोंपर भरोसा कर वार्ड स्तर पर लोगों से चर्चा कर रही है। ऐसे में दोनों ही पार्टियों से नाराज कार्यकर्ता निर्दलिय भी चुनाव लड़ सकते है।

तीसरे मोर्च की भी संभावना
उधर भाजपा-कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने वालों को एक पूर्व पार्षद चुनाव में पूरा सहयोग करने की रणनीति भी बना रहे है। ये पूर्व पार्षद टिकट वितरण व आरक्षण की लॉटरी का इंतजार कर रहे है। अगर दोनों ही पार्टियों में बगावत के हालात बनते है तो ये पूर्व पार्षद तीसरेेे मोर्च की जिम्मेदारी संभालते हुए ऐसे दावेदारों को चुनाव लड़ा सकते है।वहीं आम आदमी पार्टी भी वार्ड वार्ड जाकर प्रत्याशियों की तलाश में जुट गई है।