तहलका न्यूज,बीकानेर।संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल के चिकित्सक के नाम से इंश्योरेंस कंपनी से फर्जी तरीके से क्लेम उठाने की कोशिश का मामला सामने आया है।बिल बनाने वाले निजी अस्पताल के प्रभारी व स्टाफ के खिलाफ चिकित्सक ने जेएनवीसी थाने में मामला दर्ज करवाया है।बताया जा रहा है कि जयपुर के विराट नगर स्थित अंजना अस्पताल की ओर से पीबीएम अस्पताल में कार्यरत सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. मनोहर लाल दावां के नाम से कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सर्जरी के बिल बनाएं और उन्हें इंश्योरेंस क्लेम भेज दिया।

फोन आने पर चला पता
मामला तब सामने आया जब डॉ.दावां के पास इंश्योरेंस कंपनी की ओर से फोन आया।कंपनी के अधिकारी उनसे यह पता करना चाह रहे थे कि उनके नाम से जयपुर के अंजना अस्पताल में दिखाए गए मरीज का ऑपरेशन या सर्जरी वास्तव में उन्होंने की थी या नहीं।डॉ.दावां ने कंपनी को बताया कि वे बीकानेर के सरकारी पीबीएम अस्पताल में कार्यरत हैं और जयपुर के इस निजी अस्पताल में जाकर किसी मरीज की सर्जरी नहीं की।इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके नाम का इस्तेमाल कर सर्जरी के बिल इंश्योरेंस कंपनी को क्लेम के लिए भेजे गए हैं।डॉ.दावां को आशंका है कि उनके नाम का इस्तेमाल कर इसी तरह के और भी फर्जी बिल इंश्योरेंस कंपनियों को भेजे गए हो सकते हैं।उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर ऐसे सभी बिल और दस्तावेज सामने लाने का आग्रह किया है।

 सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष हैं डॉ.दावां
डॉ. मनोहर लाल दावां पीबीएम अस्पताल में सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर हैं और विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।उनका क हना है कि जयपुर के अस्पताल में उनके नाम से सर्जरी दिखाकर बिल बनाना गंभीर मामला है।उन्होंने अंजना अस्पताल के प्रभारी और संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
मामले की जांच कर रहे एएसआई पांचाराम ने बताया कि डॉक्टर की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस अब अंजना अस्पताल में तैयार किए गए दस्तावेज,सर्जरी से संबंधित रिकॉर्ड और इंश्योरेंस कंपनी को भेजे गए क्लेम की जांच करेगी।साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि डॉक्टर के नाम से कितने बिल तैयार कर इंश्योरेंस कंपनियों को भेजे गए हैं और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

अब तक दो ऑपरेशन की जानकारी
इस बारे में डॉ. दावां ने बताया कि उनके पास इंश्योरेंस कंपनी के डॉक्टर प्रतिनिधि का कॉल आया था।जिसे पता था कि मैं पीबीएम अस्पताल में कार्यरत हूं।इसीलिए उन्होंने कॉल करके बताया कि उनकी डिग्री का उपयोग हो रहा है। इसी के बाद थाने में पत्र दिया गया।डॉ. दावां ने इस बारे में एसओजी को भी शिकायत दर्ज करवाई है कि फर्जी भुगतान उठाने के लिए उनके नाम से बिल पेश किए जा रहे हैं।