तहलका न्यूज,बीकानेर। सोमवती अमावस्या पर शहर में जगह-जगह दान-पुण्य का दौर चलता रहा। इस अवसर पर दान और पूजा अर्चना के साथ ही पितरों के निमित्त तर्पण किया।सोमवती अमावस्या के संयोग में भक्तों ने प्रभु के दर्शन किए और मनौती मांगी। श्रद्धालुओं ने कोलायत सरोवर में डुबकी लगाकर पितरों को नमन किया।वहीं गौशालाओं में जाकर भक्तों ने माता को हरा चारा खिलाया।गौशालाओं में दिनभर श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहा। मंदिरों में भी विभिन्न आयोजन हुए। मंदिरों में मनमोहक झांकियां सजाई गई। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए पीपल पूजा की।पीपल को महादेव का रूप मानकर महिलाओं ने उस पर धागा बांधा मन्नत मांगी।पीपल की 108 परिक्रमा कर उपवास भी रखा।बड़ी संख्या में जिले के श्रद्धालु़ कपिल मुनि की तपोभूमि कोलायत पहुंचे। यहां कपिल सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई। तालाब में डूबी लगाने का सिलसिला अलसुबह ही शुरू हो गया। इतना ही नहीं श्रद्धालुओं ने घाट पर हो रहे हवन पर आहुतियां देकर भी पुण्य कमाया। नगर के विभिन्न म ंदिरों में दर्शन के लिए भी भक्तों की कतार लगी रही।कुलदेवी डेहरु माता के स्थापना दिवस के तीन दिवसीय कार्यक्रम में आज पुरुषोत्तम मास की बड़ी सोमवती अमावस्या के दिन पंडित पुखराज भादानी के आचार्यत्व में सुबह 8 बजे विशेष पूजा,गणपति पूजन,मंडप पूजन,अभिषेक व 11 बजे अमावस्या हवन का आयोजन किया गया। हवन में समाज के प्रमुख जन बद्री महाराज सूरजडा,रामरतन पुरोहित व अन्य भक्त हवन में पूजा अर्चना की गई।

दिनभर चला दान-पुण्य
सोमवती अमावस्या पर नगर में दिन भर दान-पुण्य का दौर भी चला।करमीसर रोड स्थित ओसिया माता मंदिर में लड्डो गुड्डू भोजनालय की ओर से 5100 भोजन की थाली का वितरण किया गया। यह थाली जरूरतमंद गरीब को दी गई। वहीं अनेक स्थलों पर लोगों ने गायों को चारे की व्यवस्था करवाई।पीबीएम अस्पताल में रोगियों को असहायों को फल दूध वितरित किया गया।

पीपल पार्क में उमड़ा महिला श्रद्धालुओं का सैलाब
स्थानीय नत्थूसर गेट के बाहर संसोलाव तालाब तालाब आगोर भूमि में स्थित तथा संसोलाव आगोर एवं पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा संचालित पीपल पार्क में अधिक मास की सोमवती अमावस्या के अवसर पर पीपल के वृक्षों का पूजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने प्रातः 5:00 बजे से पीपल पार्क पहुंचकर पूजन करना प्रारंभ कर दिया सुबह-सुबह की पावन वेला में हरे-भरे पीपल के वृक्षों के नीचे पूजन,परिक्रमा एवं भजन आदि गतिविधियों से वातावरण की दिव्यता देखते ही बन रही थी। बीकानेर शहर के प्रत्येक क्षेत्र के अलावा आसपास के गांव कोलासर मेघसर लूणकरणसर डूंगरगढ़ रतनगढ़ आदि स्थानों से महिला श्रद्धालुओं का रेला निरंतर पूजन के लिए पीपल पार्क में आ रहा था यही नहीं आसपास के फलोदी ओसियां आदि स्थानों से भी बसों ,कारों एवं अन्य वाहनों में भरकर महिला श्रद्धालु पीपल पार्क पहुंच रही थी।सांसोलाव आगोर एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के संयोजक मदन मोहन छंगाणी ने बताया की सन 2012 में स्वर्गीय पंडित दाऊ लाल छंगाणी के द्वारा इस पीपल पार्क की स्थापना की गई थी। बीकानेर के ऐतिहासिक संसोलाव तालाब की आगोर भूमि को बचाने के उद्देश्य से एवं मातृ शक्ति के अनुरोध पर एक ही जगह 151 से अधिक पीपल के पौधे लगाए गए थे ये पौधे आज विशाल वृक्षों का रूप ले चुके हैं।इसके अलावा शास्त्रीय मान्यता के अनुसार पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है इस कारण भी सनातन धर्म में पीपल पूजन का विशेष महत्व है वर्तमान में अधिक मास चल रहा है आज अधिक मास का समापन सोमवती अमावस्या के साथ होने के कारण भारी संख्या में महिला श्रद्धालुओं का पीपल पार्क में आना संभव हुआ है आज के इस विशेष पूजन में हर वर्ग की महिलाओं ने पूजन में उत्साह और श्रद्धा भाव से भाग लिया इस अवसर पर कन्हैयालाल वाल्मीकि,सुशील परिहार,श्रवण सुथार शिव शंकर छंगाणी,केशव छंगाणी,विजय सिंह राजपूत आदि कार्यकर्ताओं ने पूजन कर्म में सहयोग प्रदान किया