तहलका न्यूज,बीकानेर।पीबीएम हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान प्रसूता शारदा नायक की मौत के बाद चल रहे आन्दोलन का आखिर विराम मिल गया।चौथे दिन परिजनों व प्रशासन के बीच बनी सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता और अन्य मांगों पर आश्वासन दिए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से कोई लिखित समझौता जारी नहीं किया गया है।कांग्रेस देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने बताया कि एसडीएम राजेश नायक के साथ हुई बातचीत में प्रशासन ने जन सहयोग से 25 लाख रुपए की तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।इसके अलावा राज्य सरकार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजने पर भी सहमति बनी है।परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन भी प्रशासन ने दिया है।

लापरवाही साबित होने पर होगी कार्रवाई
समझौते के दौरान यह भी तय हुआ कि परिजनों की ओर से परिवाद दिए जाने पर पुलिस मामले की जांच करेगी।जांच में डॉक्टर या अन्य कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया जाएगा।मंगलवार की शाम मृतक प्रसूता शारदा के पति मुकेश नायक ने मॉर्च्युरी के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया था।आग लगाने से पहले आसपास खड़े लोगों ने उससे बोतल छीन ली थी।मंगलवार की शाम मृतक प्रसूता शारदा के पति मुकेश नायक ने मॉर्च्युरी के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया था। आग लगाने से पहले आसपास खड़े लोगों ने उससे बोतल छीन ली थी।

मौत के 4 दिन बाद होगा पोस्टमॉर्टम
शारदा नायक की 21 जून को मौत हुई थी। इसके चार दिन बाद मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमॉर्टम होगा। पति राकेश नायक की सहमति मिलने के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।इसके बाद शारदा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।शारदा नायक श्रीरामसर गांव की निवासी थी। उसके पति राकेश मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।घटना के बाद परिजन और कांग्रेस लगातार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल गतिरोध समाप्त हो गया है।