तहलका न्यूज,बीकानेर।शहर के कोटगेट थाना इलाके में दो नौनिहालों में ऐसा कदम उठाया कि पूरा परिवार ही हिल गया। पूरे परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।जानकारी के अनुसार चौखूंटी पुलिए के पास एक 11 वर्षीय बालक ने अपने घर के ऊपरी मंजिल पर फांसी का फंदा लगाकर जीवनलीला का समाप्त कर लिया।हालांकि जिस समय वह ऐसा कदम उठा रहा था तो पुल पर खड़े अनेक लोगों ने उसे आवाज देकर रोकने का भरसक प्रयास किया।लेकिन उसने कमरा बंद कर फांसी लगा ली।उसके इस कदम के बाद उसकी 15 वर्षीय बहन ने भी विषाक्त पदार्थ खा लिया।जिसके बाद मोहल्ले के लोग उसे तुरंत पीबीएम ले गये। जहां चिकित्सकों ने उसे बचा लिया।पता चला है कि हादसे के समय मां-पिता घर पर नहीं थे। इन नौनिहालों ने ऐसा कदम क्यों उठाया। यह सवाल हर किसी के जुबान पर था। इस घटना के बाद क्षेत्र में गम का माहौल है।

एम्बूलेंस के लिये होता रास्ता तो बच सकती थी जान
क्षेत्र के लोगों का रोष है कि पुलिए के नीचे रास्ता संकरा होने के कारण समय पर एम्बूलेंस नहीं पहुंच पाई।जिसके चलते नौनिहाल को अस्पताल ले जाने में देरी हुई और चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के अयूब कायमखानी का कहना था कि पुलिए के नीचे रास्ता इतना संकरा है कि छोटी भी एम्बूलेंस उस क्षेत्र में बमुश्किल आती है। ऐसे में किसी प्रकार के हादसे में समय पर अस्पताल पहुंचना चुनौती का काम हो जाता है।कुछ ऐसा ही इस घटना के बाद हुआ।हालात यह हुई कि खिदमतगार खादिम सोसायटी व असहाय सेवा संस्थान के सेवादार जब एम्बूलेंस लेकर पहुंचे तो एम्बूलेंस घटनास्थल यानि मृतक के घर तक नहीं ले जा पाएं।जिसके कारण 100 मीटर तक भागकर उसे एम्बूलेंस तक लाया गया। कायमखानी ने कहा कि अनेक बार प्रशासन को अवगत करवाया।लेकिन आज दिनांक तक कोई समाधान नहीं हुआ। जिसके चलते आज एक घर का चिराग बुझ गया।