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तहलका न्यूज,बीकानेर।निकाय चुनाव में सता पक्ष के प्रत्याशी को वोट दिलाने के नाम पर जबरन नोटिस देने का विवाद अभी थमा ही नहीं था कि बीडीए की एक ओर कारश्तानी सामने आई है।जिसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि बीडीए प्रशासन की तानाशाही रवैये के चलते विवादित जमीन पर चारदीवारी निर्माण कार्य का मामला सामने आया है।जिसमें परिवादी ने आरोप लगाया है कि उसकी तरमीमशुदा जमीन पर सतापक्ष के लोगों के दबाव में रात के अंधेरे में निर्माण कार्य किया जा रहा है।जमीन पर मालिकाना हक जता रहे देवेन्द्र स्वामी ने मुक्ताप्रसाद के सेक्टर नं.7/61 में सामुदायिक भवन के पास उनकी जमीन है,जिस पर रविवार रात तेज बारिश के उपरान्त भी चार दीवारी का काम किया जा रहा है। पूछने पर बताया कि यहां पर सार्वजनिक पार्क बनाया जाएगा। स्वामी ने बताया कि इस जमीन को लेकर तत्कालीन जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम के समय सुप्रीम कोर्ट से सेटलमेंट होने के बाद भी पटवारी द्वारा गलत रिपोर्ट तैयार की गई। मजे की बात तो यह है कि आवासन मंडल का नक्शा आज तक तरमीम नहीं हुआ है।उनका कहना है कि आमतौर पर 1990 के बाद उपनिवेशन खसरे का चलन ही नहीं है।राजस्व खसरे के तहत जमीन तरमीन की जाती है। अगर राजस्व खसरे की बात करें तो यह राजस्व खसरे के रिकार्ड में जमीन उनके नाम बोल रही है।

भाजपा नेताओं व पुलिस पर लगाएं गंभीर आरोप
स्वामी ने कहा कि जब निर्माण कार्य का वे विरोध करने पहुंचे तो उन्हें डराया धमकाया जा रहा है।भाजपा नेताओं का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव डालकर उन्हें प्रशासन की ओर से धमकियां मिल रही है।जब वे इसका परिवाद लेकर संबंधित पुलिस थाना गये तो उन्हें 151 धारा के तहत बंद करने की धमकी दी गई।स्वामी ने कहा कि सरकारी मशीनरी का प्रयोग कर इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।स्वामी ने बताया कि जिस खसरा संख्या 1055/365 में निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।उसको लेकर पूर्व में ही जिला कलक्टर को परिवाद दिया जा चुका है।उसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है।जबकि मुक्ता प्रसाद सेक्टर नं.7/61 में पहले से ही बड़ा पार्क बना हुआ है। ऐसे में मेरी जमीन पर पार्क के बहाने कब्जे की नीयत साफ झलक रही है। परिवादी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से रोका जाएं।