तहलका न्यूज,बीकानेर।भारतीय रेलवे ने अपने देशव्यापी टिकट चेकिंग अभियान और रेल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है।रेलवे प्रशासन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार,बिना टिकट यात्रा करने वाले और रेलवे स्टेशनों पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए जुर्माने के पुराने नियमों में संशोधन किया गया है।इसके तहत पूर्व में निर्धारित न्यूनतम जुर्माने की 250 रुपए की राशि को सीधे 100 प्रतिशत बढ़ाकर 500 रुपए किया गया है।यह नई व्यवस्था उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी 4 रेल मंडलोंं बीकानेर,जयपुर,जोधपुर और अजमेर में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस नए नियम से न केवल बिना टिकट सफर करने वाले आदतन यात्रियों पर लगाम लगेगी,बल्कि स्टेशनों पर होने वाली अनावश्यक भीड़भाड़ को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे का नया नियम
राजस्थान में रेलवे नेटवर्क का एक बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है।हर दिन राज्य के बीकानेर,जयपुर,जोधपुर,अजमेर,उदयपुर,कोटा और अलवर जैसे विभिन्न जिलों से लाखों लोग लोकल,पैसेंजर, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के माध्यम से सफर करते हैं।ऐसे में जुर्माने की राशि का 250 से बढ़कर सीधे 500 होना आम और दैनिक यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालेगा।रेलवे बोर्ड द्वारा जारी इस नए सर्कुलर के अनुसार,यदि कोई भी यात्री ट्रेन के भीतर या रेलवे स्टेशन परिसर (जैसे वेटिंग हॉल,फुट ओवर ब्रिज,प्लेटफॉर्म आदि) में बिना उचित टिकट के पाया जाता है,तो टिकट चेकिंग स्टाफ उससे अब पुराने नियम के तहत 250 की बजाय न्यूनतम 500 का आर्थिक जुर्माना वसूल करेगा।इसके साथ ही,यात्रा की गई दूरी का वास्तविक रेल किराया भी अलग से देय होगा। इसका मतलब यह है कि यदि कोई यात्री मात्र 20 मूल्य के टिकट के बिना भी पकड़ा जाता है,तो भी उसे कम से कम 500 का जुर्माना और तय किराया देना ही होगा। रेलवे का यह कड़ा वित्तीय दंड यात्रियों को टिकट काउंटर या ऑनलाइन माध्यमों से वैध टिकट खरीदकर ही स्टेशन में प्रवेश करने के लिए बाध्य करेगा।

प्लेटफॉर्म टिकट को लेकर कड़े हुए नियम
इस नए नियम का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा प्लेटफॉर्म टिकट से जुड़ा हुआ है।आमतौर पर देखा जाता है कि लोग अपने रिश्तेदारों या मित्रों को ट्रेन में बैठाने या उन्हें स्टेशन से लेने के लिए बिना प्लेटफॉर्म टिकट खरीदे ही सीधे ट्रेनों के डिब्बों और प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच जाते हैं। इसके कारण मुख्य स्टेशनों पर अत्यधिक भीड़ हो जाती है, जिससे वास्तविक यात्रियों को अपनी ट्रेन पकडऩे और सामान ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।अब नई व्यवस्था के तहत यदि कोई भी व्यक्ति बिना प्लेटफॉर्म टिकट के स्टेशन परिसर के भीतर पाया जाता है, तो उसे भी बिना टिकट यात्री की श्रेणी में ही माना जाएगा। ऐसे व्यक्तियों से भी रेलवे सुरक्षा बल और टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा मौके पर ही 500 का जुर्माना वसूला जाएगा।इसलिए अब परिजनों को स्टेशन छोडऩे आने वाले स्थानीय नागरिकों को भी पूरी तरह सतर्क रहकर अनिवार्य रूप से प्लेटफॉर्म टिकट खरीदना होगा।रेलवे ने साफ कर दिया है कि एमएसटी धारकों को भी अपनी समय अवधि समाप्त होने से पहले उसे अनिवार्य रूप से रीन्यू कराना होगा।यदि किसी एमएसटी की वैधता 1 दिन भी समाप्त हो चुकी है,तो उस यात्री को भी पूरी तरह बिना टिकट माना जाएगा और उससे भी 500 का पूरा जुर्माना वसूला जाएगा।इस कड़े नियम से अब दैनिक यात्रियों को भी अपनी यात्रा योजना और टिकट की वैधता को लेकर पूरी तरह अनुशासित होना पड़ेगा।