बालिका शिक्षा के लिए आगे आया क्यूबेशन फाउंडेशन,स्कूल को भेंट कीं 100 टेबल-कुर्सियां
तहलका न्यूज,बीकानेर।बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने और सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए क्यूबेशन फाउंडेशन लगातार सामाजिक सरोकार निभा रहा है।इसी कड़ी में मंगलवार को जस्सूसर गेट के बाहर स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय को फाउंडेशन की ओर से 100 टेबल-कुर्सियां भेंट की गईं।फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक एवं भामाशाह चंद्रेश हर्ष ने विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में ये संसाधन स्कूल प्रशासन को सुपुर्द किए।खास बात यह है कि इन टेबल-कुर्सियों का लाभ एक नहीं,बल्कि परिसर में संचालित दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगा।यहां सुबह की पारी में बालक विद्यालय और दोपहर में बालिका विद्यालय संचालित होता है।लंबे समय से दोनों विद्यालयों में टेबल-कुर्सियों की कमी महसूस की जा रही थी।कई विद्यार्थियों को फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी।एक साथ 100 टेबल-कुर्सियां मिलने से विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी नजर आई।
शिक्षक राष्ट्र निर्माता इसलिए बच्चों में अच्छे संस्कार डालने की जिम्मेदारी उन्हीं पर : हर्ष
समारोह में चंद्रेश हर्ष ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं।वे विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार और शिक्षा का भाव विकसित करेंगे तो यही बच्चे भविष्य में राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।उन्होंने कहा कि हमारा फाउंडेशन बालिका शिक्षा के उत्थान के लिए समर्पित है।फाउंडेशन की ओर से विभिन्न सरकारी बालिका विद्यालयों का सर्वे करवाकर उनकी जरूरतों के अनुरूप संसाधन उपलब्ध करवाए जाते हैं।इसी क्रम में इस विद्यालय का चयन किया गया।उन्होंने छात्राओं से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।विद्यालय की प्राचार्य रेणु व्यास ने चंद्रेश हर्ष का आभार जताते हुए कहा कि यह केवल वस्तुओं का दान नहीं,बल्कि बालिकाओं के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है।इन संसाधनों से विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी और पढ़ाई के प्रति उनका मनोबल भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों को मिलने वाला ऐसा सहयोग समाज और राष्ट्र के निर्माण में दूरगामी भूमिका निभाता है।
बोर्ड परीक्षा में बाहर से नहीं मंगानी पड़ेगी टेबल कुर्सियां: वीणा तंवर
बालक विद्यालय की प्राचार्य डॉ.वीणा तंवर ने कहा कि एक ही परिसर में दो पारियों में संचालित विद्यालयों के सभी विद्यार्थियों को इस सहयोग का लाभ मिलेगा।बोर्ड परीक्षाओं के दौरान टेबल-कुर्सियों की कमी के चलते बाहर से व्यवस्था करनी पड़ती थी। अब 100 टेबल-कुर्सियां मिलने से यह समस्या काफी हद तक दूर होगी।उद्घोषक रविन्द्र हर्ष ने कहा कि एक ही विद्यालय परिसर में उपलब्ध करवाए गए संसाधनों का दोनों पारियों के विद्यार्थियों को लाभ मिलना सोने पर सुहागा है।उन्होंने बताया कि चंद्रेश हर्ष लंबे समय से बालिका शिक्षा के लिए काम कर रहे हैं।उनके प्रयासों से पूर्व में हर्षो का चौक स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय,पुष्करणा स्कूल में संचालित बालिका विद्यालय तथा गीता पाठशाला के पास संचालित राजकीय बालिका विद्यालय को डिजिटल बोर्ड और इन्वर्टर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं।उन्होंने बताया कि चंद्रेश हर्ष के बड़े पुत्र कुमार गौरव हर्ष भी छह देशों में कंपनी का संचालन कर रहे हैं और अपने पिता के सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ा रहे हैं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त उपनिदेशक विकास हर्ष और सेवानिवृत्ति न्यायिक रीडर रामकुमार पुरोहित भी मंचस्थ रहे।संचालन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक राजेंद्र हर्ष ने किया।उन्होंने फाउंडेशन की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से चंद्रेश हर्ष का माला पहनाकर, साफा ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम में विद्यालय के सेवानिवृत्त पीटीआई गिरजाशंकर हर्ष,डॉ.प्रेम प्रताप व्यास,देवेंद्र रतन वर्मा सहित विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
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