मुख्य सामग्री पर जाएँ
ई-पेपर
ब्रेकिंग
दीपावली को बनाए  "खाओसा" की मिठाइयों से खास, नमकीन-कुकीज की वृहद रेंज, मेहमानों को भेंट करें गिफ्ट आइटम एएसजी हॉस्पिटल का ‘सुरक्षित आंखें,सुरक्षित दिवाली’अभियान; पटाखों से घायल बच्चों को मिलेगी मदद बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान और बच्चों को मिला आशीर्वाद,आत्मीयता के रंगों से सजी दीपावली लिलिपॉन्ड में सजेगा 'खेल वाली दिवाली का मैदान देर रात तक चल रहा है सड़कों का पेच वर्क,मोहल्लो में सफाई अभियान
Diwali

प्रताप बस्ती के वार्ड नंबर 71 में खूंखार कुत्ते का आतंक,5 से 10 लोगों को किया घायल

Khaosa
Diwali
Solar
Diwali
Diwali
Diwali
Diwali
Diwali
Diwali
Diwali
Diwali
Diwali
diwali
Diwali
A
2 मिनट पढ़ने में 0 शेयर
प्रताप बस्ती के वार्ड नंबर 71 में खूंखार कुत्ते का आतंक,5 से 10 लोगों को किया घायल



diwali

 

तहलका न्यूज,बीकानेर।नगर निगम बीकानेर के वार्ड नंबर 71 स्थित प्रताप बस्ती,वाल्मीकि मोहल्ले में पिछले 5 से 10 दिनों से एक खूंखार कुत्ते ने आतंक मचा  रखा है। इस कुत्ते के हमले से अब तक लगभग 5 से 10 लोग घायल हो चुके हैं। वहीं आज इस कुत्ते ने एक गाय पर भी हमला कर उसे नीचे पटक दिया,जिससे क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।क्षेत्रवासियों द्वारा इस गंभीर समस्या की सूचना नगर निगम  प्रशासन के निचले स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक कई बार दी जा चुकी है,लेकिन अफसोस की बात है कि आज तक कोई ठोस कार्रवाई  नहीं की गई। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए यह जवाब दे रहे हैं कि कुत्ते पकडऩे का ठेका समाप्त हो चुका है तथा उनके पास कुत्तों को पकडऩे के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं।यह स्थिति नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर  गंभीर सवाल खड़े करती है।क्या किसी ठेके की अवधि समाप्त हो जाने या कर्मचारियों की कमी का बहाना बनाकर आम नागरिकों की जान को  खतरे में छोड़ा जा सकता है? क्या नगर निगम प्रशासन किसी मासूम बच्चे,बुजुर्ग या राहगीर के साथ गंभीर हादसा होने का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते इस खूंखार कुत्ते को नहीं पकड़ा गया और भविष्य में किसी बच्चे, बुजुर्ग या अन्य नागरिक के साथ कोई गंभीर दुर्घटना अथवा जनहानि होती है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?भारतीय वाल्मीकि यूथ फैडरेशन नगर निगम प्रशासन एवं जिला प्रशासन से मांग करता है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से  कुत्ते को पकडऩे के लिए विशेष टीम भेजी जाए तथा क्षेत्र में आवारा एवं आक्रामक कुत्तों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।जनता की सुरक्षा नगर निगम की जिम्मेदारी है,न कि ठेके और कर्मचारियों की कमी का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का अवसर।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएं

इस खबर को शेयर करें: