एमजीएसयू में 'द लिटरेरी कम्पास' के छह खंडों का भव्य लोकार्पण
तहलका न्यूज,बीकानेर।महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय में शनिवार को उच्च शिक्षा एवं साहित्यिक जगत् के लिए एक ऐतिहासिक अवसर पर बीए अंग्रेजी साहित्य के पाठ्यक्रम पर आधारित बहुप्रतीक्षित पुस्तक श्रृंखला 'द लिटरेरी कम्पास' का गरिमामय माहौल में भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ।सूर्य प्रकाशन मन्दिर द्वारा प्रकाशित इस विशेष श्रृंखला का विमोचन विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर नरसीराम बिश्नोई,मुख्य संपादक प्रो.अविनाश जोधा एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर नरसीराम बिश्नोई ने संपादकीय टीम और प्रकाशक सूर्य प्रकाशन मन्दिर के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।कुलगुरू प्रो.बिश्नोई ने अपने व्यक्तव्य में कहा"उच्च शिक्षा में केवल पाठ्यक्रम में बदलाव करना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि उस पाठ्यक्रम को सहज,सरल और प्रामाणिक अध्ययन सामग्री के रूप में विद्यार्थियों तक पहुँचाना सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है।"श्रृंखला के मुख्य संपादक तथा राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अविनाश जोधा ने अपने मुख्य वक्तव्य में अकादमिक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रो.जोधा ने कहा:"शैक्षणिक सुधारों का वास्तविक लाभ तभी सार्थक होता है जब वह सीधे कक्षाओं और विद्यार्थियों की मेज तक पहुँचे,जिससे उन्हें इंटरनेट पर भटकना न पड़े।"इसके साथ ही प्रो.जोधा ने घोषणा की कि आगामी 20 नवंबर तक एमए अंग्रेजी साहित्य की संपूर्ण पाठ्यपुस्तक श्रृंखला का भी लोकार्पण सूर्य प्रकाशन मन्दिर के माध्यम से किया जाएगा।इस श्रृंखला के मुख्य संपादक प्रो.अविनाश जोधा हैं तथा सह-संपादक डॉ.मनीष महर्षि,डॉ.सुनीता नैन और डॉ.नीतू बिस्सा हैं।सूर्य प्रकाशन मन्दिर की ओर से प्रशांत बिस्सा ने सभी अतिथियों,संपादकीय टीम और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।सूर्य प्रकाशन मन्दिर सदैव उच्च गुणवत्ता वाली, प्रामाणिक और विद्यार्थियों के लिए सुलभ अकादमिक सामग्री के प्रकाशन हेतु प्रतिबद्ध रहा है और 20 नवंबर तक एमए अंग्रेजी साहित्य की श्रृंखला भी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी।यह श्रृंखला महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के बीए अंग्रेजी साहित्य के प्रथम से छठे सेमेस्टर के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को कवर करती है।इसमें साहित्यिक पृष्ठभूमि,आलोचनात्मक अध्ययन विस्तृत सारांश,कठिन शब्दावली, संदर्भ-प्रसंग व्याख्याएं तथा बहुविकल्पीय व अन्य अभ्यासात्मक प्रश्नोत्तर शामिल हैं।प्रोफेसर राजेंद्र पुरोहित:ऐसी अकादमिक और स्तरीय पुस्तकें विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके संपूर्ण व्यक्तित्व को तराशने में अहम भूमिका निभाती हैं।"ऐसी अकादमिक और स्तरीय पुस्तकें विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके संपूर्ण व्यक्तित्व को तराशने में अहम भूमिका निभाती हैं।"गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकें विद्यार्थियों के अकादमिक और वैचारिक संबल को मजबूत करने का कार्य करती हैं।"गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकें विद्यार्थियों के अकादमिक और वैचारिक संबल को मजबूत करने का कार्य करती हैं।"सोनू शिवा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार की गई यह श्रृंखला विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम को और अधिक सुगम बनाएगी।"विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार की गई यह श्रृंखला विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम को और अधिक सुगम बनाएगी।"सीमा शर्मा "यह पुस्तक श्रृंखला अंग्रेजी साहित्य के विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ विषय की गहरी समझ प्रदान करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।"यह पुस्तक श्रृंखला अंग्रेजी साहित्य के विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ विषय की गहरी समझ प्रदान करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।"प्रो.जी.पी.सिंह आजकल 'वन वीक सीरीज' जैसी सामग्री पर निर्भरता बढ़ रही है,ऐसे में 'द लिटरेरी कम्पास' जैसी पुस्तकें विषय की गहरी समझ विकसित करने में बेहद सहायक हैं।"आजकल 'वन वीक सीरीज' जैसी सामग्री पर निर्भरता बढ़ रही है,ऐसे में 'द लिटरेरी कम्पास' जैसी पुस्तकें विषय की गहरी समझ विकसित करने में बेहद सहायक हैं।"कार्यक्रम में प्रोफेसर बबीता जैन प्राचार्य गंगाशहर महाविद्यालय प्रोफेसर राजाराम चोयल,डॉ अनिल दुलार डॉ गोरीशंकर प्रजापत,डॉ नमामि शंकर आचार्य,डॉ गजानंद,डॉ रमेश भोजक,पवन पारीक के अलावा विभिन्न महाविद्यालयों के अग्रेजी विभाग के सदस्य,उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन भुवनेश स्वामी असिस्टेंट प्रोफेसर अग्रेजी राजकीय एम एस कॉलेज ने किया ।
ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएं